पाण्डुक शिला
पाण्डुक शिला
इस सुंदर पाण्डुक शिला का निर्माण स्व. लाला खजान सिंह मंसूरपुर की स्म्रति में इनके परिवार वालों ने कराया| इसके चारों ओर पुष्पों से भरी बगिया है| धर्माव्लाम्बी जहा फाल्गुन अष्टान्हाका के शुभ अवसर पर पुण्य का संचय करते है व् ज्यष्ठी के मेले पर भगवान का अभिषेक प्रफुल्लित होते है|
चौबीस टोंक
चौबीस टोंक का निर्माण किया गया है| जिसमे चौबीस तीर्थकरों के चरण चिहन स्थापित है| इसका निर्माण लाला खजान सिंह मंसूरपुर वालों की स्म्रति में उनके परिवार के सदस्यों ने कराया|
विष्णु कुमार मुनि
चौबीस टोंक के समीप विष्णुकुमार मुनि की प्राचीन भव्य प्रतिमा है| जिन्होंने श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को अकम्पनाचर्यादी ७०० मुनियों का उपसर्ग निवारण करके रक्षा बंधन प्रचलित किया|

